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Sunday, September 19, 2010

ऐसा लड़कियों के साथ ही क्यों होता है ?

जिस राज्य में ३ दशकों से मजदूर पार्टी का राज है उस राज्य में पिछले १ साल में २५०० नाबालिग लड़कियों के गायब होने की खबर न सिर्फ़ उस सरकार बल्कि उस पार्टी के विचारधारा पर भी प्रश्नचिन्ह लगाती है| पश्चिम बंगाल में कल इस खबर का खुलासा हुआ| मार्क्सवादी विचारधारा से लैस ये मजदूर वर्ग की तथाकथित पार्टी की सरकार क्या इसका स्पष्टीकरण देगी? आखिर ऐसा लड़कियों के साथ ही क्यों होता है? भ्रूण हत्या हो या सामाजिक भेदभाव| सबसे ज्यादा प्रभावित इन्हें ही होना पड़ता है| क्या सच में लडकियां व महिलाएं उपभोग की वस्तु हैं जिसे यह तथाकथित आधुनिक समाज सिर्फ़ उपयोग के लिए इस्तेमाल करता है?

प्राचीन काल से महिलाओं को देवी की प्रतिमूर्ति कहा जाता है| जिस देश में शक्ति स्वरुप माँ दुर्गा सहित विभिन्न देवियों की पूजा की जाती है उस देश के लिए इससे बढ़कर शर्म की बात और क्या होगी? दिखावे की पूजा के लिए तो हम अरबों रूपये खर्च कर देते हैं लेकिन अपने गिरेबान में कभी झांककर देखने की कोशिश नहीं करते जहां लड़कियों और महिलाओं के साथ सरेआम दुर्व्यवहार होता है, जबरन वेश्यालयों में देह व्यापर को मजबूर होना पड़ता है| किस भ्रष्ट सामाजिक व्यवस्था में जीने को विवश हैं हम, जहाँ आधी आबादी अपने हक से वंचित है? उसकी ज़िंदगी गम और अंधियारों के उस तबेलों में जलती रहती है जिसके नीचे आग तो है लेकिन उसकी ज्वाला की लौ इतनी धीमी है कि वह इसे जलाकर राख करने में असक्षम है|

आखिर ढाई हज़ार लडकियां किन परिस्थितियों में गायब हुई, शायद इसका ज़वाब देने कि कोई जुर्रत नहीं करेगा| हमारी सामाजिक संवेदना इतनी मर चुकी है हमें इन सवालों पर सोचने का समय ही नहीं है इसलिए यह खबर मीडिया से भी गायब रही| हम भूल जाते हैं वो लडकियां भी हममे से किसी कि बेटी है किसी कि बहन है| तो फिर जिंदगी की सीढ़ी पर कदम रखने के पहले इन लड़कियों के साथ ऐसा बर्ताव क्यों हो रहा है? कौन देगा इसका ज़वाब?

1 comments:

ओशो रजनीश said...

सरकार से इस जवाब की आशा मत रखियेगा ......

इसे भी पढ़कर कुछ कहे :-
आपने भी कभी तो जीवन में बनाये होंगे नियम ??

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